भारत का स्वतंत्रता दिवस- इतिहास महत्व उत्सव

हम हर साल 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाते है जो 1947 में मिली 200 वर्षो मे ब्रिटिश गुलामी से मिली स्वतंत्रता की याद मे मनाते है यह केवल राष्ट्रीय पर्व नहीं है यह हमारे लिए देशभक्ति बलिदान त्याग का परिमाण है हम इस दिन उन सभी वीर योद्धाओं को को याद करते हैं जिन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन मैं भाग लिया और शहीद हुए। हम उन सभी वीर सपूतों को श्रद्धांजलि अर्पित करते है और याद करते है। जिन्होंने अपने देश के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।

लाल किले मे फहराता हुआ तिरंगा झंडा

भारत की स्वतंत्रता का इतिहास

भारत मे ब्रिटिश कम्पनी ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन था जो 200 वर्षो तक भारत मे राज्य किया। इस दौरान देश ने आर्थिक सामाजिक और राजनीतिक बदलाव भी देखें, साथ मे शोषण और अन्याय को भी बहुत झेला जो ब्रिटिश राजा और ईस्ट इंडिया कंपनी करती थी।

2025 में हम गर्व और खुशी के साथ 79 वा स्वतंत्रता दिवस मना रहे है और हम उन वीरों को याद करेंगे जिन्होंने आजादी के लिए अपने आप को बलिदान कर दिया।

19 वीं और 20 वीं शताब्दी मे महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सुभाष चंद्र बोस, सरदार वल्लभ भाई पटेल आदि नेताओं ने स्वतंत्रता की लड़ाई के लिए जगह-जगह पर आंदोलन किया। उनमें से कुछ प्रमुख आंदोलन असहयोग आंदोलन (1920) , सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930) , भारत छोड़ो आंदोलन (1942) ने ब्रिटिश शासन को कमजोर कर दिया इन सभी आंदोलनों भारत की स्वतंत्रता को आसान कर दिया जिससे भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम जुलाई 1947 पारित हुआ और भारत को 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्रता मिल गई।

भारत ने 15 अगस्त की ही तारीख को क्यों चुना ?

15 अगस्त की तारीख का चयन भारत के अन्तिम ब्रिटिश वायसराय लॉर्ड माउंट बेटन ने किया। इसी दिन द्वितीय विश्व युद्ध मे जापान के आत्म समर्पण की द्वितीय वर्षगांठ थी।

भारत का विभाजन

देश की स्वतंत्रता के पूर्व देश के दो टुकड़े हुए एक भारत दूसरा पाकिस्तान बना। इस विभाजन पर भारत को बहुत जान माल की हानि हुई नरसंहार हुआ, पलायन हुआ, हिंसा हुई भारत के इतिहास मे 14 अगस्त का दिन काला दिन के रूप मे जाना जाएगा।14 अगस्त की तारीख को पाकिस्तान का स्वतंत्रता दिवस के रूप मे मनाते है।

स्वतंत्रता दिवस का महत्व

स्वतंत्रता दिवस हमे एकता सिखाती है और राजतंत्र को समाप्त कर लोकतंत्र ले कर आई है , स्वतंत्रता के महत्व की याद दिलाती है। यह दिन हमे अपने अधिकारों को निभाने तथा अपने कर्तव्यों से देश के निर्माण मे योगदान करने की प्रेरणा देती है। इसके महत्व से देश के सभी लोगों को अपने हिसाब से जीवन जीने की स्वतंत्रता मिलती है।

उत्सव

ध्वजारोहण समारोह

स्वतंत्रता दिवस के दिन देश के प्रधानमंत्री लाल किले पर तिरंगा झंडा फहराते है और उसके बाद देश के नाम संबोधन से देश वासियों को संबोधित करते है। देश के प्रमुख स्थानों सरकारी दफ्तरों स्कूल कॉलेज मे तिरंगा झंडा फहराया जाता है।

सांस्कृतिक कार्यक्रम

देश मे कई स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होता है। स्कूल कॉलेज मे हर्ष के साथ बच्चे सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन करते है देश मे स्वतंत्रता को याद करते है। देश मे स्वतंत्रता दिवस के याद मे भाषण प्रतियोगिता, निबंध प्रतियोगिता का आयोजन होता है।

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