प्रो कबड्डी लीग (Pro Kabaddi League – PKL) : भारतीय खेलों की नई पहचान

भारत में कबड्डी कोई नया खेल नहीं है। यह खेल सदियों से गाँव-गाँव में खेला जाता रहा है और भारत की मिट्टी से जुड़ी हुई इसकी गहरी परंपरा रही है। लेकिन लंबे समय तक कबड्डी को वह पहचान और प्लेटफॉर्म नहीं मिल पाया जो क्रिकेट या फुटबॉल को मिला। साल 2014 में जब प्रो कबड्डी लीग (PKL) का आगाज हुआ, तब से यह खेल देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गया।

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कबड्डी और इसकी पारंपरिक पहचान

कबड्डी को भारतीय ग्रामीण खेलों की आत्मा कहा जाता है। बच्चे-बूढ़े सभी इस खेल को जानते हैं। यह खेल ताकत, फुर्ती, रणनीति और साहस का खेल है। कबड्डी में रेडर और डिफेंडर की जंग दर्शकों के लिए हमेशा रोमांचक होती है।पहले यह खेल एशियाई खेलों तक ही सीमित था, लेकिन प्रो कबड्डी लीग ने इसे स्पोर्ट्स एंटरटेनमेंट के स्तर पर पहुँचा दिया।


प्रो कबड्डी लीग की शुरुआत

  • साल: 2014
  • संस्थापक: मशहूर कारोबारी आनंद महिंद्रा और टीवी नेटवर्क स्टार स्पोर्ट्स
  • मकसद: कबड्डी जैसे पारंपरिक खेल को नए अंदाज़ में प्रस्तुत करना
  • पहला सीज़न: 26 जुलाई 2014 से 31 अगस्त 2014

पहले ही सीज़न में यह लीग पूरे देश में छा गई। टीवी और सोशल मीडिया पर इसकी लोकप्रियता ने सबको हैरान कर दिया। सिर्फ एक महीने में इस लीग ने 435 मिलियन दर्शक जुटाए।

टीमों की यात्रा

शुरुआत में PKL में 8 टीमें थीं, लेकिन बाद में यह बढ़कर 12 टीमें हो गईं।

  1. पटना पाइरेट्स
  2. जयपुर पिंक पैंथर्स
  3. यू मुंबा
  4. बंगाल वॉरियर्स
  5. दबंग दिल्ली केसी
  6. हरियाणा स्टीलर्स
  7. तमिल तलैवास
  8. तेलुगु टाइटन्स
  9. गुजरात जायंट्स
  10. पुणेरी पलटन
  11. यूपी योद्धा
  12. बेंगलुरु बुल्स

हर टीम का अपना फैन बेस है और अपने-अपने घरेलू मैदानों पर यह टीमों को खूब समर्थन मिलता है।

प्रो कबड्डी लीग सीज़न वाइज इतिहास

PKL सीज़न 1 (2014)

  • विजेता: जयपुर पिंक पैंथर्स
  • रनर अप: यू मुंबा
  • खास खिलाड़ी: अनुप कुमार और मनिंदर सिंह
  • पहले ही सीज़न में लीग ने जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की।

PKL सीज़न 2 (2015)

  • विजेता: यू मुंबा
  • रनर अप: बेंगलुरु बुल्स
  • स्टार खिलाड़ी: अनुप कुमार, अजय ठाकुर
  • यू मुंबा ने मजबूत डिफेंस और रेडिंग से जीत दर्ज की।

PKL सीज़न 3 (2016)

  • विजेता: पटना पाइरेट्स
  • रनर अप: यू मुंबा
  • स्टार खिलाड़ी: प्रदीप नरवाल
  • पटना पाइरेट्स ने अपने शानदार खेल से पहली बार खिताब जीता।

PKL सीज़न 4 (2016)

  • विजेता: पटना पाइरेट्स
  • रनर अप: जयपुर पिंक पैंथर्स
  • लगातार दूसरी बार पटना पाइरेट्स ने खिताब जीता।

PKL सीज़न 5 (2017)

  • विजेता: पटना पाइरेट्स
  • रनर अप: गुजरात फॉर्च्यूनजाएंट्स
  • स्टार खिलाड़ी: प्रदीप नरवाल (एक सीज़न में 369 रेड प्वाइंट्स)
  • पटना ने लगातार तीसरा खिताब जीतकर इतिहास रचा।

PKL सीज़न 6 (2018)

  • विजेता: बेंगलुरु बुल्स
  • रनर अप: गुजरात फॉर्च्यूनजाएंट्स
  • स्टार खिलाड़ी: पवन सहरावत (282 प्वाइंट्स)
  • बेंगलुरु बुल्स ने पहली बार खिताब जीता।

PKL सीज़न 7 (2019)

  • विजेता: बंगाल वॉरियर्स
  • रनर अप: दबंग दिल्ली
  • खास बात: बंगाल ने बिना अपने स्टार रेडर मनिंदर सिंह के फाइनल जीता।

PKL सीज़न 8 (2021-22)

  • विजेता: दबंग दिल्ली केसी
  • रनर अप: पटना पाइरेट्स
  • स्टार खिलाड़ी: नवीन कुमार (नवीन एक्सप्रेस)
  • दबंग दिल्ली ने पहली बार खिताब जीता।

PKL सीज़न 9 (2022)

  • विजेता: जयपुर पिंक पैंथर्स
  • रनर अप: पुनेरी पलटन
  • स्टार खिलाड़ी: अर्जुन देशवाल
  • जयपुर ने दूसरी बार चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।

PKL सीज़न 10 (2023-24)

  • विजेता: पुनेरी पलटन
  • रनर अप: हरियाणा स्टीलर्स
  • खास खिलाड़ी: मोहित गोयत और असलम इनामदार
  • पुणेरी पलटन ने पहली बार खिताब जीता

PKL 11 (2024–25)

  • विजेता (Champion): हरियाणा स्टीलर्स
  • रनर-अप (Runner Up): पटना पाइरेट्स

रिकॉर्ड्स और स्टार खिलाड़ी

  • सबसे ज्यादा खिताब: पटना पाइरेट्स (3 बार)
  • सुपर रेड किंग: प्रदीप नरवाल
  • सुपर टैकल मास्टर: मोहम्मद शोहैब और सुरजीत सिंह
  • हाई फ्लायर रेडर: पवन सहरावत
  • नवीन एक्सप्रेस: नवीन कुमार
  • आईस मैन: अजय ठाकुर

प्रो कबड्डी लीग का प्रभाव

  1. दर्शकों पर प्रभाव
    • गाँव से लेकर शहर तक लोग इसे देखते हैं।
    • बच्चों और युवाओं में कबड्डी को खेलने की लहर बढ़ी है।
  2. खिलाड़ियों पर प्रभाव
    • खिलाड़ियों को आर्थिक स्थिरता मिली।
    • उन्हें क्रिकेटरों की तरह पहचान और सम्मान मिला।
  3. भारतीय खेलों पर प्रभाव
    • भारत ने दुनिया को दिखा दिया कि क्रिकेट के अलावा भी अन्य खेलों को भी उतना ही ग्लैमर मिल सकता है।
    • कबड्डी अब एशियन गेम्स और वर्ल्ड कप में और लोकप्रिय हो रही है।

कबड्डी का भविष्य

  • आने वाले समय में PKL का विस्तार और होगा।
  • विदेशी खिलाड़ियों की संख्या बढ़ेगी।
  • स्कूल और कॉलेज स्तर पर कबड्डी को प्रोत्साहन मिलेगा।
  • भारत कबड्डी को ओलंपिक खेलों में शामिल कराने की दिशा में भी प्रयास कर रहा है।

PKL – 12 सीजन

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प्रो कबड्डी लीग की शुरुआत 29 अगस्त से होने वाली है। इसमें 12 टीमें हिस्सा ले रही है। पिछले साल कि चैंपियन हरियाणा स्टीलर्स अपने खिताब को बचाने उतरेगी। इस सीजन मे कुल 137 मैच खेले जाएंगे , जिसका फाइनल मुकाबला 23 अक्टूबर को खेला जाएगा।

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