Tamil Thalaivas प्रो कबड्डी लीग (PKL) की उन टीमों में से एक है जिसने अपने जुनून, समर्पण और दमदार खेल से दर्शकों का दिल जीता है। दक्षिण भारत की यह टीम तमिलनाडु के नाम से जुड़ी है और इसकी पहचान मेहनती खिलाड़ियों और खेल के प्रति आक्रामक रवैये से होती है। प्रो कबड्डी लीग में तमिल थलाइवाज़ का नाम लगातार चर्चा में रहता है, चाहे बात हो उनके युवा खिलाड़ियों की या फिर रणनीति की। इस लेख में हम तमिल थलाइवाज़ के इतिहास, टीम संयोजन, स्टार खिलाड़ियों, रणनीति, फैंस के समर्थन और भविष्य की संभावनाओं पर गहराई से चर्चा करेंगे।

Tamil Thalaivas का परिचय
यह टीम 2017 मे शामिल हुई थी यानि प्रो कबड्डी लीग के 5 वें सीजन मे शामिल हुई थी । शुरुआती सीजन में टीम का प्रदर्शन उतार चढ़ाव भरा रहा , लेकिन धीरे-धीरे इसने अपनी अलग पहचान बनाई।
तमिल थलाइवाज में “थलाइवाज” का अर्थ होता है “लीडर” यानी टीम का नेतृत्व करने वाला , इस नाम ने टीम के आत्मा को परिभाषित किया है। टीम का होम ग्राउंड चेन्नई का जवाहरलाल नेहरू इनडोर स्टेडियम हैं जहां टीम अपने घरेलू मैच खेलता है तो फैंस का जुनून देखने लायक होता है।
प्रो कबड्डी लीग में तमिल Tamil Thalaivas का सफर
तमिल थलाइवाज़ ने PKL में अपने पहले सीज़न से ही फैंस का ध्यान खींचा। हालांकि शुरुआती कुछ सीज़न में टीम प्लेऑफ़ तक नहीं पहुंच पाई, लेकिन खिलाड़ियों का संघर्ष और प्रयास लगातार जारी रहा।
• सीज़न 5 (2017): यह टीम का पहला सीज़न था। युवा खिलाड़ियों के साथ मैदान में उतरी थलाइवाज़ ने कुछ बड़े अपसेट किए, लेकिन अनुभव की कमी से लगातारता नहीं दिखा सकी।
• सीज़न 6 (2018): इस सीज़न में टीम ने बेहतर रणनीति अपनाई। डिफेंस और रेडिंग दोनों में सुधार दिखा, लेकिन नॉकआउट में जगह नहीं बना पाई।
• सीज़न 7 (2019): टीम का यह सीज़न काफी मुश्किल रहा। चोटें और खिलाड़ियों का फॉर्म बिगड़ने से थलाइवाज़ को अंक तालिका में निचले पायदान पर रहना पड़ा।
• सीज़न 8 (2021-22): यह सीज़न तमिल थलाइवाज़ के लिए उम्मीदों भरा रहा। कुछ नए खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया और टीम ने भविष्य के लिए मजबूत नींव रखी।
• सीज़न 9 (2022): इस सीज़न में टीम ने संतुलित प्रदर्शन किया और कई कड़े मुकाबलों में जीत हासिल की।
• सीज़न 10 (2023-24): थलाइवाज़ ने अपने खेल में आक्रामकता दिखाई। युवा खिलाड़ियों ने टीम को नई ऊर्जा दी और थलाइवाज़ को प्लेऑफ तक पहुंचाने की कोशिश की।
Tamil Thalaivas की ताकत
1• मजबूत रेडिंग यूनिट
टीम के पास हमेशा से रेडिंग में मजबूत रही हैं इस टीम में रेडर हमेशा रहते हैं जो चालाकी से पॉइंट्स ले आते हैं और विपक्षी टीम के डिफेंस को धराशाई कर देते हैं।
2 • डिफेंस मजबूत
टीम का डिफेंस कड़ा माना जाता है कॉर्नर और कवर पर बैठे खिलाड़ी विपक्षी टीम को आसानी से पॉइंट नहीं देते हैं।
3 • युवा और अनुभवी खिलाड़ी
टीम के सबसे बड़ा प्लस पॉइंट हैं कि इसमें युवा और अनुभवी खिलाडियो का अच्छा मिश्रण मौजूद हैं।
4 • घरेलू दर्शकों का समर्थन
थलाइवाज के मैच जब होम ग्राउंड चेन्नई में होते हैं तो दर्शकों का उत्साह खिलाड़ियों को अधिक ऊर्जा प्रदान करता है।
Tamil Thalaivas की टीम 2025

रेडर्स और ऑलराउंडर
- पवन सेहरावत (कप्तान) – ऑलराउंडर (भारत)
- अर्जुन देशवाल (उप-कप्तान) – रेडर (भारत)
- विशाल चौहल – राइट रेडर (भारत)
- नरेंदर कंडोला – लेफ्ट रेडर (भारत)
- रोहित बेनीवाल – लेफ्ट रेडर (भारत)
- अभिराज पवार – लेफ्ट रेडर (भारत)
- योगेश यादव – रेडर (भारत)
- धीरज बलीमारे – रेडर (भारत)
- मोइन सफाघी (ईरान) – ऑलराउंडर
डिफेंस (कॉर्नर और कवर पोज़िशन)
- सागर राठी – डिफेंडर, राइट कॉर्नर (भारत)
- हिमांशु – डिफेंडर, लेफ्ट कॉर्नर (भारत)
- नीतेश कुमार – डिफेंडर, लेफ्ट कॉर्नर (भारत)
- मोहित – डिफेंडर, लेफ्ट कॉर्नर (भारत)
- अलीरेज़ा खलीली (ईरान) – डिफेंडर, राइट कॉर्नर
- आशीष – डिफेंडर, लेफ्ट कवर (भारत)
- अनुज गवाडे – डिफेंडर, लेफ्ट कवर (भारत)
- रोनक – डिफेंडर, राइट कवर (भारत)
- तरुण – डिफेंडर, राइट कवर (भारत)
सपोर्ट ऑलराउंडर
- सुरेश जाधव – ऑलराउंडर (भारत)